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डा. विनायक गौतम जन सूरज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में तिरहुत उप चुनाव में उतरे

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तिरहुत निर्वाचन क्षेत्र में होने वाले उप चुनाव में अब एक और प्रमुख उम्मीदवार की एंट्री हो गई है। डा. विनायक गौतम, जो पेशे से डॉक्टर हैं, जन सूरज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं। वे इस सीट से पूर्व विधान परिषद सदस्य राम कुमार के पुत्र और पूर्व केंद्रीय मंत्री के नाती हैं। डा. विनायक गौतम का परिवार लंबे समय से तिरहुत क्षेत्र में सक्रिय राजनीति में संलिप्त रहा है। उनके पिता राम कुमार, जो एक प्रतिष्ठित राजनेता थे, तिरहुत क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं। वहीं, उनके दादा, जो पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे, ने भी राष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण नीतियों और निर्णयों में अपनी भूमिका निभाई थी। डा. विनायक गौतम ने चुनाव प्रचार में कहा है कि उनका उद्देश्य तिरहुत क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। वे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर देंगे। जन सूरज पार्टी के साथ उनके जुड़ाव को लेकर डा. गौतम ने बताया कि वे इस पार्टी के मूल सिद्धांतों और उनके द्वारा किए गए जनहित कार्...

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उप चुनाव के उम्मीदवार वंशीधर ब्रजवासी: शिक्षक के अधिकारों के लिए आवाज़

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तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में एक प्रमुख नाम उभर कर सामने आया है - वंशीधर ब्रजवासी, जो इस क्षेत्र से अपने भाग्य को आजमाने के लिए मैदान में उतरे हैं। खास बात यह है कि वंशीधर ब्रजवासी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और वह शिक्षक समुदाय के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाते हैं। शिक्षक समुदाय के अधिकारों की रक्षा वंशीधर ब्रजवासी के लिए शिक्षा और शिक्षक की स्थिति सुधारना हमेशा प्राथमिकता रही है। उनका कहना है कि शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनके अधिकारों और सम्मान में लगातार गिरावट आई है। ब्रजवासी का यह मानना है कि बिना सक्षम और सम्मानित शिक्षक के शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं हो सकता, और इसलिए वह शिक्षक समुदाय के हक़ों के लिए आवाज़ उठाने के लिए समर्पित हैं। शिक्षक-छात्र संबंधों को सशक्त बनाना वंशीधर ब्रजवासी के दृष्टिकोण में, एक अच्छा शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने वाला नहीं होता, बल्कि वह समाज की प्रगति में अहम भूमिका निभाता है। उनका मानना है कि शिक्षक और छात्र के रिश्ते को और मजबूत करना चाहिए, ताकि शिक्षा का उद्देश्य पूरा हो ...

अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस पर विशेष

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 अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस (International Students' Day) 17 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन छात्रों की आवाज़ को मान्यता देने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। इसका इतिहास एक महत्वपूर्ण और संघर्षपूर्ण घटना से जुड़ा हुआ है, जो 1939 में चेकोस्लोवाकिया में घटित हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस का इतिहास: 1939 में, नाज़ी कब्जे वाले चेकोस्लोवाकिया में छात्र आंदोलन के विरोध में सरकार ने हिंसक कार्रवाई की। 17 नवंबर को, प्राग विश्वविद्यालय के छात्रों ने नाज़ी शासन के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इसके परिणामस्वरूप, कई छात्रों को गिरफ्तार किया गया, और उनमें से कुछ को मार दिया गया। इस घटना को याद करते हुए 1941 में यह दिन अंतर्राष्ट्रीय छात्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य छात्रों के अधिकारों को सुरक्षा देना, शिक्षा के अधिकार के लिए जागरूकता बढ़ाना और छात्रों के प्रति सामूहिक समर्थन और एकजुटता को प्रोत्साहित करना है। उद्देश्य: शिक्षा का अधिकार: यह दिन छात्रों को अपनी शिक्षा का अधिकार प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। साथ ही यह इस बात पर भी जोर द...

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा: एक नज़र

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तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी राजनीति में अभिषेक झा ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू के इस युवा प्रत्याशी ने अपनी कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता से क्षेत्र की राजनीति में नया उत्साह और दिशा दी है। अभिषेक झा का राजनीतिक जीवन उनकी युवावस्था से ही सक्रिय रहा है, और उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के शिक्षा, बेरोजगारी और आधारभूत संरचना के मुद्दों पर काम करना है। वे तिरहुत क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को जानने और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके समर्थक उन्हें एक जागरूक, संवेदनशील और सामूहिक विकास के पक्षधर नेता के रूप में देखते हैं। शिक्षा और बेरोजगारी पर ध्यान अभिषेक झा का मानना है कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलें, ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो सकें। वे विशेष रूप से तिरहुत क्षेत्र में उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्थापना और छात्रों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के पक्षधर हैं। समाज कल्याण योजनाओं पर जोर अभिषेक ने अपनी चुनावी घोषणापत्र में समाज के हर वर्ग के लिए योजनाओं की बात की है। विशेषकर, उन्होंने महिलाओं की सुरक्...

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के राजद प्रत्याशी गोपी किशन पर विशेष रिपोर्ट

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तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपने उम्मीदवार के रूप में गोपी किशन को मैदान में उतारा है। गोपी किशन एक अनुभवी और सम्मानित नेता हैं, जिनका राजनीति में गहरा अनुभव रहा है। उन्होंने कई सामाजिक और शैक्षिक आंदोलनों में भाग लिया है, और उनके समर्थकों का मानना है कि वह क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। राजनीतिक पृष्ठभूमि गोपी किशन की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है, जिन्होंने हमेशा सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष किया है। वह समाज के हर वर्ग के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और उनकी प्राथमिकताएं शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सुधार लाने की हैं। उन्होंने कई बार तिरहुत क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है, और उनके कार्यकाल में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। विकास की दिशा गोपी किशन का कहना है कि तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शैक्षिक और बुनियादी ढांचे की कमी है। उनका उद्देश्य इस क्षेत्र को एक मॉडल शिक्षा केंद्र और बुनियादी ढांचे से संपन्न बनाना है। उनका दावा है कि अगर उन्हें चुना जाता है, तो ...

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय प्रत्याशी राकेश रौशन पर खबर

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तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार चुनावी दंगल में निर्दलीय प्रत्याशी राकेश रौशन ने अपनी उम्मीदवारी पेश की है। राकेश रौशन, जो एक शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं, ने अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत एक ऐसे क्षेत्र से की है, जो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। राकेश रौशन का चुनावी अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के मुद्दों पर आधारित है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य इस क्षेत्र की जनता को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना है, ताकि यह क्षेत्र समग्र विकास की ओर बढ़ सके। वे अपने अभियान में खासतौर पर युवाओं के सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर सृजनात्मक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। राकेश रौशन के समर्थन में कई स्थानीय शिक्षकों, छात्रों और समाजसेवियों ने खुलकर अपनी आवाज उठाई है। उनका कहना है कि रौशन का क्षेत्रीय विकास के प्रति समर्पण और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए उनकी योजनाएं उन्हें अन्य सभी उम्मीदवारों से अलग करती हैं। हालांकि, राकेश रौशन एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं, लेकिन उनके समर्थकों का कहना ह...

Bihar PACS Election 2024: पैक्स चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, सह सदस्य नहीं लड़ सकेंगे इलेक्शन; पढ़ें पूरी डिटेल

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  बिहार में पैक्स चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बार के चुनाव में पैक्स के सह सदस्य उम्मीदवार नहीं बन सकेंगे लेकिन वे जिस पैक्स के सह सदस्य हैं उसमें चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के प्रस्तावक हो सकेंगे और वोट भी डाल सकेंगे। बिहार में अभी एक करोड़ 45 लाख पैक्स सदस्य हैं जिनमें से करीब 50 हजार सह सदस्य हैं। पटना।  बिहार में पैक्स चुनाव आगामी 25 नवंबर से पांच दिसंबर तक होने हैं। इस चुनाव में पैक्स के सह सदस्य उम्मीदवार नहीं होंगे, लेकिन वो जिस पैक्स के सह सदस्य हैं, उसमें चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के प्रस्तावक हो सकेंगे और मताधिकार का भी प्रयोग कर सकेंगे। बिहार में अभी एक करोड़ 45 लाख पैक्स सदस्य हैं, जिनमें से करीब 50 हजार सह सदस्य हैं। पैक्स चुनाव को लेकर बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने सहकारिता विभाग काे स्पष्ट निर्देश जारी किया है। सहकारिता विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि राज्य में 8463 पैक्स हैं, जिनमें एक करोड़ 45 लाख सदस्य एवं सह सदस्य हैं। इनमें से करीब 50 हजार सह सदस्य हैं। सहकारिता अधिकारी ने आगे बताया कि पैक्स में जो सदस्य बनते हैं, उन्हें एक शेयर पर 10 र...